ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल
ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री और वर्तमान कंजर्वेटिव सांसद प्रीति पटेल ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी को भारत नहीं भेजे जाने से भारत सरकार बेहद नाराज थी और इसी वजह से ब्रिटेन को अवैध भारतीय प्रवासियों तथा वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस भेजने के मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्रीति पटेल ने यह टिप्पणी द डेली टेलीग्राफ के पॉडकास्ट The Diamond King में बातचीत के दौरान की। हालांकि, भारत सरकार ने इस विशेष दावे की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
‘मैं हैरान हूं कि नीरव मोदी अब भी ब्रिटेन में है’
प्रीति पटेल ने कहा कि वर्ष 2021 में उन्होंने स्वयं नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके बावजूद वह अब तक ब्रिटेन में है। उन्होंने कहा कि यदि ब्रिटेन की कानूनी व्यवस्था अधिक तेज और प्रभावी होती तो नीरव मोदी को काफी पहले भारत भेज दिया गया होता।
उनके अनुसार, लंबी न्यायिक प्रक्रिया और लगातार कानूनी अपीलों के कारण प्रत्यर्पण में वर्षों की देरी हुई।
भारत-यूके संबंधों पर भी जताई चिंता
प्रीति पटेल ने दावा किया कि गृह मंत्री रहते हुए उन्हें भारत के साथ अवैध प्रवासियों की वापसी (Failed Asylum Seekers और Visa Overstayers) को लेकर बातचीत में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भारत तब तक इस विषय पर आगे बढ़ने के लिए तैयार नहीं था, जब तक नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में ठोस प्रगति दिखाई नहीं देती थी। उनके अनुसार, यह स्थिति दोनों देशों के बीच सहयोग को प्रभावित कर रही थी। यह प्रीति पटेल का व्यक्तिगत दावा है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
क्या है नीरव मोदी मामला?
नीरव मोदी भारत के चर्चित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं। भारतीय जांच एजेंसियां—सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED)—उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग तथा जांच को प्रभावित करने से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही हैं। इन आरोपों से जुड़े मुकदमे भारत में लंबित हैं।
ब्रिटेन में चलती रही लंबी कानूनी लड़ाई
नीरव मोदी को 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद ब्रिटेन की अदालतों ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध पर सुनवाई की। वर्ष 2021 में प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलने और तत्कालीन गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा आदेश पर हस्ताक्षर किए जाने के बावजूद, नीरव मोदी ने विभिन्न कानूनी अपीलें और अन्य राहत याचिकाएं दायर कीं, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंचती रही।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके अधिकांश कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
भारत सरकार की ओर से क्या कहा गया?
अब तक भारत सरकार ने प्रीति पटेल के इस विशेष दावे—कि भारत ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी के कारण अवैध प्रवासियों को वापस लेने से इनकार किया—पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसलिए इस दावे को फिलहाल प्रीति पटेल के बयान के रूप में ही देखा जा रहा है।
भारत-ब्रिटेन संबंधों में प्रत्यर्पण का महत्व
भारत और ब्रिटेन के बीच कई भगोड़े आर्थिक अपराधियों के प्रत्यर्पण के मामले लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।
नीरव मोदी का मामला दोनों देशों के बीच न्यायिक सहयोग और प्रत्यर्पण
संधि की प्रभावशीलता की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण मामलों में गिना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों का समय पर निपटारा दोनों देशों के
आपसी विश्वास और कानूनी सहयोग को और मजबूत बना सकता है।
निष्कर्ष
ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल के ताजा बयान ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण और
भारत-ब्रिटेन संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रत्यर्पण में
देरी के कारण अवैध भारतीय प्रवासियों की वापसी पर भी असर पड़ा। हालांकि
इस दावे की भारत सरकार ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। दूसरी ओर, नीरव मोदी के खिलाफ प्रत्यर्पण की
प्रक्रिया अंतिम चरण में मानी जा रही है और आगे की कार्रवाई ब्रिटेन की न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
FAQ (Frequently Asked Questions)
Q1. प्रीति पटेल ने नीरव मोदी को लेकर क्या दावा किया है?
उत्तर: ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने दावा किया कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी से भारत नाराज था और
इसी कारण अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस लेने के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहयोग प्रभावित हुआ।
Q2. नीरव मोदी का मामला क्या है?
उत्तर: नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी,
मनी लॉन्ड्रिंग और साक्ष्यों व गवाहों से कथित छेड़छाड़ से संबंधित मामलों में भारत में वांछित है।
वह फिलहाल ब्रिटेन में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा है।
Q3. प्रीति पटेल ने ब्रिटेन की न्याय व्यवस्था पर क्या कहा?
उत्तर: प्रीति पटेल ने कहा कि यदि ब्रिटेन की कानूनी व्यवस्था अधिक प्रभावी ढंग से काम करती, तो
नीरव मोदी अब तक भारत भेजा जा चुका होता। उन्होंने प्रत्यर्पण में हुई देरी पर नाराजगी जताई।
Q4. क्या भारत सरकार ने आधिकारिक रूप से इस दावे की पुष्टि की है?
उत्तर: उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, यह प्रीति पटेल का दावा है।
भारत सरकार की ओर से इस विशेष दावे की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है।
Q5. नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी क्यों हुई?
उत्तर: रिपोर्टों के अनुसार, प्रत्यर्पण प्रक्रिया में मानवाधिकार संबंधी अपीलें,
अन्य कानूनी चुनौतियां और शरण (Asylum) से जुड़े दावे जैसी न्यायिक प्रक्रियाएं देरी का कारण बनीं।
Q6. क्या नीरव मोदी के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं?
उत्तर: हालिया रिपोर्टों के अनुसार, नीरव मोदी की कई प्रमुख कानूनी चुनौतियां खारिज हो चुकी हैं और
प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।
Q7. भारत और ब्रिटेन के संबंधों पर इस मामले का क्या असर पड़ा?
उत्तर: प्रीति पटेल के अनुसार, नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी ने दोनों देशों के बीच कुछ सहयोगी मुद्दों,
विशेषकर अवैध प्रवासियों की वापसी, को प्रभावित किया। हालांकि यह उनका राजनीतिक आकलन है।
Q8. यह मामला चर्चा में क्यों है?
उत्तर: यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में देरी,
भारत की नाराजगी और अवैध प्रवासियों की वापसी के मुद्दे को आपस में जोड़ते हुए महत्वपूर्ण दावा किया है
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