दक्षिणी लेबनान में इजरायल
दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
इजरायल ने दावा किया है कि उसकी सेना ने रणनीतिक
अली अल-ताहेर रिज के नीचे मौजूद हिजबुल्लाह के बड़े भूमिगत सुरंग नेटवर्क को
विस्फोट कर नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान इतना शक्तिशाली धमाका हुआ कि
आसपास के इलाकों में धरती कांपने लगी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
(USGS) के अनुसार दक्षिणी लेबनान में 4.1 तीव्रता का भूकंपीय कंपन दर्ज किया गया।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि
यह कंपन पूरी तरह इजरायली विस्फोट के कारण ही दर्ज हुआ था।
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक यह सुरंग नेटवर्क हिजबुल्लाह के लिए बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ढांचा था।
इजरायल का दावा है कि इस भूमिगत नेटवर्क का निर्माण करीब दो दशक में किया गया था और
इसमें हथियारों के भंडार, कमांड सेंटर और लड़ाकों के रहने की व्यवस्था मौजूद थी।
अली अल-ताहेर में हुआ जबरदस्त धमाका
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान की अली अल-ताहेर पहाड़ी के
नीचे बने हिजबुल्लाह के सुरंग नेटवर्क को निशाना बनाया।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी NNA के अनुसार इलाके में जोरदार विस्फोट हुआ और
आसपास के क्षेत्रों में कंपन महसूस किया गया। रिपोर्टों में बताया गया कि धमाके की
आवाज और झटके नबातियेह तथा आसपास के इलाकों तक महसूस किए गए।
USGS ने दक्षिणी लेबनान में 4.1 तीव्रता की भूकंपीय घटना दर्ज की। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि
समाचार रिपोर्टों में इसे विस्फोट से जुड़ी घटना बताया गया है, जबकि Live Hindustan ने भी लिखा है कि
इसकी प्राकृतिक या विस्फोटजनित वजह की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दो किलोमीटर से ज्यादा लंबा था सुरंग नेटवर्क
इजरायली सेना के अनुसार अली अल-ताहेर के नीचे मौजूद भूमिगत नेटवर्क दो किलोमीटर से
अधिक लंबा था। वहां रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन, एंटी-टैंक हथियार और विस्फोटक सामग्री सहित बड़ी मात्रा में
सैन्य सामान मिलने का दावा किया गया है। इजरायल का कहना है कि इस नेटवर्क में
हिजबुल्लाह की बद्र यूनिट से जुड़ा कमांड कॉम्प्लेक्स भी मौजूद था।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि इस भूमिगत परिसर में कमांड सेंटर, हथियार रखने के स्थान और
ऐसे रहने के इंतजाम थे, जिनकी मदद से लड़ाके लंबे समय तक जमीन के नीचे रह सकते थे।
इजरायल के अनुसार यह ढांचा उसके उत्तरी इलाकों पर हमले की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण था।
1100 टन से ज्यादा विस्फोटक इस्तेमाल करने का दावा
इजरायली सैन्य सूत्रों के अनुसार सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 1,100 टन से
अधिक विस्फोटक इस्तेमाल किए गए। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने IDF के हवाले से बताया कि
अली ताहेर रिज के नीचे दो प्रमुख सुरंग मार्गों को विस्फोट के जरिए नष्ट किया गया।
इजरायल का कहना है कि इन सुरंगों के भीतर दर्जनों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन के
अलावा एंटी-टैंक मिसाइल, हथियार, बारूदी सुरंगें और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली थी।
कार्रवाई का उद्देश्य हिजबुल्लाह की भूमिगत सैन्य क्षमता को खत्म करना बताया गया है।
*इजरायल ने इलाके पर ऑपरेशनल कंट्रोल का दावा किया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने
संयुक्त बयान में कहा कि भूमिगत ढांचे को नष्ट करने के साथ अली अल-ताहेर रिज पर
जमीन के ऊपर और नीचे इजरायल ने “ऑपरेशनल कंट्रोल” हासिल कर लिया है
इजरायली अधिकारियों के अनुसार सेना इलाके में बनी सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखेगी ताकि
हिजबुल्लाह दोबारा वहां अपनी सैन्य मौजूदगी स्थापित न कर सके।
यह क्षेत्र इजरायल की सीमा से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसकी ऊंचाई तथा भौगोलिक स्थिति के कारण इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर नजर रखी जा सकती है।
कई दिनों से चल रहा था सैन्य अभियान
अली अल-ताहेर क्षेत्र पिछले कई सप्ताह से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ था। इजरायल पहले ही दावा कर चुका था कि उसने इस क्षेत्र में हिजबुल्लाह के भूमिगत ठिकानों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है और सुरंगों को खाली कराने की कार्रवाई की गई है।
इसके बाद अब बड़े विस्फोट के जरिए सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने का दावा सामने आया है। इजरायल का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य भूमिगत सैन्य ढांचे को पूरी तरह निष्क्रिय करना है ताकि हिजबुल्लाह भविष्य में इस क्षेत्र का इस्तेमाल हमलों के लिए न कर सके।
हिजबुल्लाह की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं
इस कार्रवाई के बाद तत्काल तौर पर हिजबुल्लाह की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। समाचार एजेंसियों के मुताबिक इजरायल के दावों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि करना मुश्किल है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां जारी रहने के कारण जमीन पर स्थिति तेजी से बदल सकती है।
लेबनान में फिर बढ़ सकता है तनाव
दक्षिणी लेबनान में इस तरह की बड़ी सैन्य कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष को कम करने के लिए युद्धविराम और राजनीतिक प्रयासों की चर्चा चल रही है। अमेरिका की मध्यस्थता वाले ढांचे में इजरायली सेना की वापसी और हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया में गतिरोध बना हुआ है।
ऐसे में किसी बड़े भूमिगत सैन्य ढांचे का विनाश क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है। अली अल-ताहेर जैसे रणनीतिक इलाके पर नियंत्रण दोनों पक्षों के लिए सैन्य और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूकंप या धमाके का असर?
इस पूरी घटना का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पहलू 4.1 तीव्रता का भूकंपीय कंपन है। रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट के आसपास लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया और USGS ने भी 4.1 तीव्रता की घटना दर्ज की।
हालांकि, इसे सीधे “विस्फोट से आया भूकंप” कहना अभी सावधानी की मांग करता है। Live Hindustan की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि कंपन का कारण केवल विस्फोट था या कोई प्राकृतिक भूकंपीय घटना। इसलिए इसे विस्फोट के बाद दर्ज 4.1 तीव्रता की भूकंपीय घटना कहना अधिक सटीक होगा।
क्या था हिजबुल्लाह का भूमिगत नेटवर्क?
इजरायल के अनुसार अली अल-ताहेर के नीचे मौजूद नेटवर्क केवल एक साधारण सुरंग नहीं था, बल्कि एक बड़ा सैन्य परिसर था। इसमें हथियार रखने के स्थान, कमांड सेंटर और लड़ाकों के रहने की सुविधाएं मौजूद थीं। इजरायली सेना का दावा है कि इस नेटवर्क में रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन जैसी सैन्य क्षमताएं भी रखी गई थीं।
इजरायल का आरोप है कि यह ढांचा लंबे समय में तैयार किया गया था और इसका इस्तेमाल उत्तरी इजरायल के इलाकों पर निगरानी और हमलों की तैयारी के लिए किया जाता था। हालांकि, इन दावों के सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष
दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कथित बड़े सुरंग नेटवर्क को इजरायल द्वारा नष्ट किए जाने की घटना ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अली अल-ताहेर रिज पर हुए जोरदार विस्फोट के बाद 4.1 तीव्रता की भूकंपीय घटना दर्ज की गई। इजरायल का कहना है कि उसने दो किलोमीटर से अधिक लंबे भूमिगत नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है, जिसमें हथियारों और सैन्य सुविधाओं का बड़ा भंडार मौजूद था।
हालांकि, भूकंपीय घटना और विस्फोट के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में हिजबुल्लाह की प्रतिक्रिया और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना की अगली कार्रवाई पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
FAQ: Israel Hezbollah Tunnel Blast
1. इजरायल ने लेबनान में किसे निशाना बनाया?
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के अली अल-ताहेर रिज के नीचे मौजूद हिजबुल्लाह के भूमिगत सुरंग नेटवर्क को निशाना बनाने और उसे नष्ट करने का दावा किया है।
2. धमाके के बाद कितनी तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ?
USGS के अनुसार दक्षिणी लेबनान में 4.1 तीव्रता की भूकंपीय घटना दर्ज हुई। हालांकि, यह पूरी तरह विस्फोट के कारण हुई थी या प्राकृतिक घटना थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
3. हिजबुल्लाह की सुरंग कितनी लंबी थी?
इजरायली सेना के अनुसार नष्ट किए गए भूमिगत नेटवर्क की लंबाई दो किलोमीटर से अधिक थी।
4. सुरंग के अंदर क्या मिला?
इजरायल के मुताबिक सुरंग परिसर में रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन, एंटी-टैंक हथियार, बारूदी सुरंग और अन्य सैन्य सामग्री मौजूद थी।
5. अली अल-ताहेर रिज कहां स्थित है?
अली अल-ताहेर रिज दक्षिणी लेबनान में स्थित रणनीतिक क्षेत्र है और इजरायल की सीमा से करीब 15 किलोमीटर दूर बताया गया है।
6. क्या हिजबुल्लाह ने इजरायल के दावे पर प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कार्रवाई के तुरंत बाद हिजबुल्लाह की ओर से इस घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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