JioStar ICC राइट्स
JioStar ICC राइट्स : क्रिकेट में भारत की बढ़ती ताकत और पावर कंसंट्रेशन पर विश्लेषण JioStar का ICC मीडिया राइट्स संकट, CEO किरण मणि का ‘बोरिंग’ वाला इंटरव्यू, भारी घाटे की वजह और क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग के भविष्य की चुनौतियां। हिंदी में पूरी रिपोर्ट।

# JioStar का ICC राइट्स संकट, किरण मणि का इंटरव्यू और भविष्य की चुनौतियां
क्रिकेट की दुनिया में भारत की ताकत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। BCCI अब दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है, और ICC की कुल कमाई का लगभग 80-90% हिस्सा भारत से आता है। लेकिन इसी पावर के साथ ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में बड़ा संकट भी खड़ा हो गया है। JioStar ने ICC के $3 बिलियन मीडिया राइट्स डील से बाहर निकलने की कोशिश की थी, जिससे 2026 T20 वर्ल्ड कप से पहले हड़कंप मच गया। हालांकि बाद में ICC और JioStar ने जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर डील के पूरी तरह लागू होने की पुष्टि की। इस बीच JioStar के CEO किरण मणि का हालिया इंटरव्यू भी काफी चर्चा में रहा, जहां उन्होंने कहा कि ‘बोरिंग होना’ उनके जॉब के लिए अच्छा है। आइए पूरी डिटेल्स समझते हैं।
भारत की क्रिकेट पावर में बढ़ोतरी
भारत अब ग्लोबल क्रिकेट का केंद्र बिंदु बन चुका है।
- BCCI की नेट वर्थ 2025 में $2.25 बिलियन के आसपास है।
- IPL, बाइलेटरल सीरीज और स्पॉन्सरशिप से मिलने वाली कमाई ने भारत को बाकी बोर्ड्स से काफी आगे कर दिया।
- ICC रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल में भारत को 38-40% हिस्सा मिलता है। यह पावर कंसंट्रेशन अन्य देशों (खासकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया) के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि क्रिकेट की पूरी इकोनॉमी अब भारत पर निर्भर हो गई है।
JioStar का ICC राइट्स संकट
दिसंबर 2025 में खबरें आईं कि JioStar ने ICC को बताया कि वह 2024-2027 साइकिल की $3 बिलियन डील के बाकी हिस्से पूरे नहीं कर पाएगा। मुख्य वजहें:
- रियल मनी गेमिंग ऐप्स पर सरकारी बैन से एडवरटाइजिंग रेवेन्यू में भारी गिरावट।
- रुपये की वैल्यू गिरने से डॉलर में पेमेंट महंगा पड़ना।
- JioStar ने 2024-25 में स्पोर्ट्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर ₹25,000 करोड़ से ज्यादा का प्रोविजन किया। ICC ने वैकल्पिक ब्रॉडकास्टर्स (Sony, Netflix, Amazon आदि) से बात की, लेकिन कोई इंटरेस्ट नहीं दिखा। अंत में दोनों पक्षों ने जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर कहा – “डील पूरी तरह लागू है, कोई निकासी नहीं हुई।” फिर भी यह घटना क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग की सस्टेनेबिलिटी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
किरण मणि का इंटरव्यू: ‘बोरिंग होना अच्छा है’
JioStar के डिजिटल CEO किरण मणि ने
Mint को दिए हालिया इंटरव्यू में कहा:
- उनका काम पैशनेट लोगों को लीड करना है, लेकिन खुद वे इंट्रोवर्ट हैं और ‘बोरिंग’ रहना पसंद करते हैं – यह जॉब के लिए फायदेमंद है।
- कंपनी का मुख्य बिजनेस जनरल एंटरटेनमेंट है, IPL या क्रिकेट अकेला नहीं।
- फोकस कस्टमर के करीब रहने और अच्छे लोगों को इंटरेस्टिंग प्रॉब्लम्स देने पर है।
- यह बयान ऐसे समय में आया जब कंपनी स्पोर्ट्स राइट्स पर भारी घाटे का सामना कर रही है।
भविष्य की चुनौतियां
- ब्रॉडकास्टिंग बबल: IPL 2027 राइट्स कितने में बिकेंगे? ब्रॉडकास्टर्स अब सतर्क हो गए हैं।
- पावर कंसंट्रेशन: भारत की डोमिनेंस से अन्य बोर्ड्स की फंडिंग कम हो रही है।
- रेवेन्यू मॉडल: गेमिंग बैन और OTT कॉम्पिटिशन से एड तथा सब्सक्रिप्शन प्रेशर।
- सस्टेनेबिलिटी: ICC को आने वाले साइकिल्स में राइट्स प्राइस कम करने पड़ सकते हैं।
