BRICS Summit 2026
BRICS शिखर सम्मेलन 2026 से पहले राजधानी दिल्ली में दुनिया की नजरें टिक गई हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। शुक्रवार को उनका विमान दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरा, जहां भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन के दिल्ली पहुंचने के साथ ही राजधानी में हाई-लेवल सुरक्षा व्यवस्था और तेज हो गई है।
रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे को कई मायनों में अहम माना जा रहा है। BRICS Summit 2026 का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होना है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, वैश्विक मुद्दों और सदस्य देशों के बीच सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पालम एयरफोर्स स्टेशन पर हुआ पुतिन का स्वागत
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। उनके विमान के पालम एयरफोर्स स्टेशन पर उतरने के बाद विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद रूसी राष्ट्रपति का काफिला एयरपोर्ट से रवाना हुआ।
पुतिन के दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही पूरी तैयारी में जुटी थीं। उनके एयरपोर्ट से संभावित होटल और फिर भारत मंडपम तक आने-जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।
रूसी राष्ट्रपति के संभावित ठहराव वाले होटल में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक होटल और उसके आसपास कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रूस की अपनी सुरक्षा टीम भी पहले से दिल्ली पहुंच चुकी है और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तैयारियों का जायजा ले चुकी है।
पुतिन की सुरक्षा में चार स्तर का सुरक्षा घेरा
राष्ट्रपति पुतिन जैसे हाई-प्रोफाइल विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उनके संभावित होटल में चार स्तर का सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
सबसे अंदर क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) राष्ट्रपति की नजदीकी सुरक्षा संभालेगी। इसके बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। तीसरे स्तर पर दिल्ली पुलिस के कमांडो और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती रहेगी, जबकि बाहरी सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस के पास होगी।
होटल के कर्मचारियों और आसपास के क्षेत्रों की भी जांच की गई है। रूसी सुरक्षा अधिकारियों की टीम भी पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है।
PM मोदी से पुतिन की अहम मुलाकात
भारत यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम मुलाकात होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
रक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे विषय बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं। भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय बातचीत होती रही है।
ऐसे में BRICS Summit के दौरान मोदी-पुतिन मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की बातचीत पर दुनिया की नजर रहेगी।
नौ महीने में पुतिन का दूसरा भारत दौरा
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यह करीब नौ महीने के भीतर दूसरा भारत दौरा है। इससे पहले वह 5 दिसंबर 2025 को भारत आए थे। अब BRICS Summit 2026 में भाग लेने के लिए उनका दिल्ली पहुंचना भारत-रूस संबंधों की निरंतरता को भी दर्शाता है।
पुतिन के दौरे को BRICS सम्मेलन के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में होने वाली बैठक में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग तथा विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है।
BRICS Summit में कई देशों के शीर्ष नेता होंगे शामिल
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit में कई देशों के
राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख शामिल होंगे। सम्मेलन को भारत की
कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है।
राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी के कारण दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को भी काफी मजबूत किया गया है।
महत्वपूर्ण मार्गों, आयोजन स्थल और विदेशी मेहमानों के
संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं।
भारत-रूस संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण दौरा
पुतिन के भारत दौरे को केवल BRICS सम्मेलन तक सीमित नहीं देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय बातचीत भारत-रूस संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और आर्थिक सहयोग लंबे समय से संबंधों के महत्वपूर्ण आधार रहे हैं।
हालांकि, आगामी बैठक में किन मुद्दों पर अंतिम रूप से चर्चा होगी और क्या महत्वपूर्ण फैसले सामने आते हैं,
इसका स्पष्ट विवरण आधिकारिक बातचीत के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुतिन के दिल्ली पहुंचने के साथ ही BRICS Summit 2026 की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक तथा
12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन पर हैं।
FAQ: BRICS Summit 2026 और पुतिन के भारत दौरे से जुड़े सवाल
1. व्लादिमीर पुतिन भारत क्यों पहुंचे हैं?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं।
सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होना है।
2. पुतिन दिल्ली कब पहुंचे?
पुतिन शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को दिल्ली के पालम एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे।
वहां विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया।
3. क्या पुतिन की PM मोदी से मुलाकात होगी?
हां। भारत दौरे के दौरान पुतिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है।
रक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
4. BRICS Summit 2026 कब और कहां होगा?
BRICS Summit 2026 का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा।
5. पुतिन की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
पुतिन के संभावित ठहराव वाले होटल और उनके आवागमन वाले मार्गों पर बहुस्तरीय
सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ रूस की अपनी सुरक्षा टीम भी शामिल है।
6. पुतिन इससे पहले भारत कब आए थे?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इससे पहले 5 दिसंबर 2025 को भारत आए थे।
सितंबर 2026 का दौरा नौ महीने के भीतर उनका दूसरा भारत दौरा है।
7. भारत के लिए BRICS Summit 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में आर्थिक सहयोग और
वैश्विक मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा होने की उम्मीद है।
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