कानपुर के महाराजपुर में
महाराजपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत से मचा कोहराम,
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर रूमा के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए, छत उखड़ गई और बोनट व आगे की सीटें आपस में चिपक गईं। वाहन में सवार 12 लोग अंदर बुरी तरह फंस गए। पुलिस, स्थानीय लोगों और एनएचएआई की टीम ने करीब 50 मिनट तक गैस कटर और रस्सियों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी को बाहर निकाला। हादसे में एक चालक और दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्कॉर्पियो की हालत देखकर हर कोई रह गया दंग,
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कॉर्पियो की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। तेज रफ्तार के कारण जैसे ही वाहन खड़े ट्रक से टकराया, उसका अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे घुस गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का बोनट, डैशबोर्ड और आगे की सीटें एक-दूसरे में धंस गईं। कई यात्री लोहे के ढांचे में बुरी तरह फंस गए और बाहर निकलना असंभव हो गया।
सूचना मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस, एनएचएआई और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। गैस कटर से गाड़ी को काटकर एक-एक यात्री को बाहर निकाला गया। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम भी लग गया, जिसे बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन हटाकर खुलवाया गया।
हरियाणा से बिहार जा रहा था परिवार, चालक को झपकी आने की आशंका,
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो हरियाणा के सिरसा से बिहार जा रही थी। वाहन में परिवार के सदस्य और अन्य यात्री भी सवार थे। परिजनों के अनुसार रास्ते में कुछ अन्य यात्रियों को भी प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये लेकर बैठाया गया था।
परिवार के लोगों ने आशंका जताई है कि चालक लगातार रातभर वाहन चला रहा था और संभवतः उसे झपकी आ गई, जिसके कारण वह सड़क किनारे खड़े ट्रक को नहीं देख सका। हालांकि पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
तीन लोगों की मौत, नौ घायलों का अस्पताल में इलाज जारी,
हादसे में बिहार के गया निवासी 8 वर्षीय दिलखुश, 15 वर्षीय नेहा और हरियाणा के सिरसा निवासी चालक बजरंग कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य नौ घायलों को पहले कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हैलेट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार दो महिलाओं की हालत अधिक गंभीर थी और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सभी घायलों की निगरानी के लिए विशेष चिकित्सकीय टीम तैनात की है।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, बेहतर इलाज के दिए निर्देश,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए
अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और
दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर खड़े भारी वाहनों और लंबी दूरी तक लगातार वाहन चलाने
जैसी स्थितियां इस प्रकार की दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती हैं।
हादसे की मुख्य बातें,
- कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर रूमा के पास हादसा हुआ।
- तेज रफ्तार स्कॉर्पियो खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी।
- वाहन में सवार 12 लोगों को निकालने में 50 मिनट का रेस्क्यू चला।
- तीन लोगों की मौके पर मौत और नौ लोग घायल हुए।
- गैस कटर से स्कॉर्पियो काटकर यात्रियों को बाहर निकाला गया।
- चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया।
FAQ,
1. कानपुर का यह हादसा कहां हुआ?
यह हादसा महाराजपुर थाना क्षेत्र में कानपुर-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर रूमा के पास हुआ।
2. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में चालक सहित तीन लोगों की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए।
3. रेस्क्यू ऑपरेशन कितनी देर चला?
स्कॉर्पियो में फंसे लोगों को बाहर निकालने में लगभग 50 मिनट का समय लगा।
4. हादसे की वजह क्या मानी जा रही है?
प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस जांच जारी है।
5. घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
घायलों का इलाज कानपुर के हैलेट अस्पताल में चल रहा है
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