खमीस मुशैत एयरबेस पर हूतियों के मिसाइल
Saudi Arabia Houthi Attack 2026: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। खमीस मुशैत में स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। हमले के बाद सऊदी अरब के कई इलाकों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया। इस हमले में 13 नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
खमीस मुशैत में सैन्य एयरबेस को बनाया निशाना
हूती संगठन ने दावा किया कि उसने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे।
हूती पक्ष के अनुसार, हमले में एयरबेस के विमान हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और हथियारों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। संगठन ने इस कार्रवाई को यमन में सऊदी हवाई हमलों की प्रतिक्रिया बताया है।
हालांकि, एयरबेस को हुए कथित नुकसान के संबंध में हूतियों के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल नहीं हुई है।
तीन शहरों में हमले, 13 नागरिक घायल
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों का असर खमीस मुशैत के अलावा अबहा और ताइफ में भी हुआ। इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए हैं। घायलों की चोटों को मामूली से मध्यम स्तर का बताया गया है।
हमलों के कारण सात घरों और दो वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है। सऊदी अधिकारियों ने हमलों के बाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
कई शहरों में जारी हुआ आपातकालीन अलर्ट
हमले के बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने दक्षिणी क्षेत्र के कई शहरों में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया। लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने तथा घटनास्थल पर जाने से बचने की अपील की गई।
बाद में अधिकारियों ने बताया कि तत्काल खतरा टल गया है। इसके बावजूद लोगों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
यमन में सऊदी कार्रवाई का बदला लेने का दावा
हूती संगठन ने अपने हमले को यमन में सऊदी सैन्य कार्रवाई की प्रतिक्रिया बताया है।
संगठन के प्रवक्ता ने दावा किया कि पिछले दिनों यमन के कई इलाकों में सऊदी विमानों ने हमले किए थे।
हूतियों के अनुसार, इन हमलों में बड़ी संख्या में हवाई हमले किए गए और
इसी के जवाब में सऊदी क्षेत्र में मिसाइल तथा ड्रोन अभियान चलाया गया।
दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूतियों पर नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को
निशाना बनाने का आरोप लगाया है तथा आगे भी ऐसे हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
सऊदी अरब और हूतियों के बीच हाल के दिनों में संघर्ष फिर से तेज हुआ है।
इससे यमन के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के दोबारा बड़े क्षेत्रीय टकराव में बदलने की आशंका बढ़ गई है।
लाल सागर और उसके आसपास का क्षेत्र पहले से ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से
बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में मिसाइल और ड्रोन हमलों में बढ़ोतरी का असर केवल स्थानीय सुरक्षा पर ही नहीं,
बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यमन और आसपास के क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं
और क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशों को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सऊदी अरब की आगे की रणनीति पर नजर
हमले के बाद अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि सऊदी अरब और उसके सहयोगी हूतियों के
खिलाफ किस तरह की कार्रवाई करते हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी हमले जारी रहते हैं तो
इससे यमन संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका पैदा हो सकती है।
फिलहाल सऊदी अधिकारियों ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा
निर्देश जारी किए हैं। वहीं हूती संगठन ने भी आगे हमले जारी रखने की चेतावनी दी है।
निष्कर्ष
सऊदी अरब के खमीस मुशैत, अबहा और ताइफ क्षेत्र में हूती मिसाइल और
ड्रोन हमलों के बाद तनाव बढ़ गया है। हमलों में 13 नागरिकों के
घायल होने और सात घरों तथा दो वाहनों को नुकसान की जानकारी सामने आई है।
खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाने का दावा भी किया गया है,
हालांकि एयरबेस को हुए नुकसान के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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