नवजात बच्चों के लिए गोल्ड रिंग योजना
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय सरकार ने नवजात बच्चों के लिए एक अनोखी कल्याणकारी योजना को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 1,28,499 सोने की अंगूठियों का ऑर्डर दिया है। इन अंगूठियों को 15 सितंबर 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों को उपहार के तौर पर देने की योजना है।
रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पहले की थी। अब सरकार ने इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए गोल्ड रिंग की खरीद का ऑर्डर जारी किया है। टेंडर प्रक्रिया में जॉय अलुक्कास की बोली सबसे कम रहने के बाद उसे यह ऑर्डर दिया गया।
15 सितंबर से शुरू होगी गोल्ड रिंग योजना
तमिलनाडु सरकार की यह योजना 15 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले पात्र नवजात बच्चों को एक ग्राम की सोने की अंगूठी देने की योजना बनाई गई है।
15 सितंबर की तारीख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेता सी. एन. अन्नादुरई की जयंती है। योजना को इसी दिन शुरू करने की घोषणा की गई है।
कितने बच्चों को मिलेगा फायदा?
सरकार द्वारा दिए गए ऑर्डर में 1,28,499 गोल्ड रिंग शामिल हैं। वहीं व्यापक योजना के तहत राज्य में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले प्रसव से जुड़े बड़ी संख्या में नवजात बच्चों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है। उपलब्ध योजना संबंधी रिपोर्टों में सालाना करीब 4.2 लाख सरकारी संस्थागत प्रसव का अनुमान बताया गया है।
इसका मतलब है कि यह योजना सिर्फ प्रतीकात्मक घोषणा नहीं बल्कि बड़े स्तर पर लागू होने वाली कल्याणकारी पहल के रूप में तैयार की जा रही है।
सरकार ने क्यों शुरू की यह योजना?
इस योजना के पीछे नवजात बच्चों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सहायता देने का उद्देश्य बताया गया है। तमिलनाडु में मां के भाई द्वारा बच्चे को सोने का उपहार देने की पारंपरिक सामाजिक अवधारणा से भी इस योजना को जोड़ा गया है।
विजय सरकार ने इसे अपनी कल्याणकारी योजनाओं की श्रृंखला का हिस्सा बताया है। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भी नवजात बच्चों के लिए गोल्ड रिंग योजना शुरू करने की जानकारी दी थी। उन्होंने योजना की अनुमानित लागत ₹755.83 करोड़ बताई थी।
विजय ने पहले ही किया था योजना का ऐलान
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इस योजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि 15 सितंबर को नवजात बच्चों के लिए गोल्ड रिंग गिफ्ट योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए सरकार ने ₹755.83 करोड़ के अनुमानित खर्च का उल्लेख किया था।
अब बड़ी संख्या में अंगूठियों का ऑर्डर दिए जाने के बाद योजना के जमीन पर उतरने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों पर फोकस
योजना का मुख्य फोकस सरकारी अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले बच्चों पर है। उपलब्ध विवरण के अनुसार पात्रता के लिए तमिलनाडु निवासी होने का प्रमाण भी आवश्यक हो सकता है।
इस योजना से सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहन मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में महिलाएं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराती हैं और ऐसी योजनाएं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ाव को बढ़ावा दे सकती हैं।
क्या है ‘थाई मामन गोल्ड रिंग’ योजना?
इस योजना को ‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना के नाम से भी जाना जा रहा है। इसका अर्थ मोटे तौर पर मां के भाई की ओर से दिए जाने वाले सोने के उपहार की परंपरा से जुड़ा है।
योजना के तहत नवजात को सोने की अंगूठी देना इसी पारंपरिक भावना को सरकारी कल्याण कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश मानी जा रही है।
योजना पर कितना खर्च होगा?
मुख्यमंत्री विजय की घोषणा के अनुसार इस योजना के लिए करीब ₹755.83 करोड़ का अनुमानित वार्षिक खर्च बताया गया है। हालांकि वास्तविक खर्च लाभार्थियों की संख्या, सोने की कीमत और खरीद प्रक्रिया के आधार पर बदल सकता है।
सोने की कीमतों में लगातार बदलाव को देखते हुए बड़ी संख्या में
अंगूठियों की खरीद सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यक्रम भी है।
टेंडर में जॉय अलुक्कास को मिला ऑर्डर
रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड रिंग की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इसमें जॉय अलुक्कास ने
सबसे कम बोली लगाई और इसके बाद कंपनी को 1,28,499 सोने की अंगूठियों का ऑर्डर दिया गया।
सरकार अब इन अंगूठियों को योजना के निर्धारित लाभार्थियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
विजय सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री विजय ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में
अपनी सरकार की कई कल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया था।
उन्होंने कहा था कि पिछली सरकार की अच्छी योजनाओं को भी जारी रखा जा रहा है।
इनमें अम्मा कैंटीन और नाश्ता योजना जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
विजय ने अपने संबोधन में किसानों, महिलाओं और आम जनता से जुड़ी
योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात भी कही थी।
राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है योजना
विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह योजना
उनकी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी पहलों में गिनी जा रही है।
विजय पहले अभिनेता के रूप में लोकप्रिय रहे और बाद में
राजनीति में सक्रिय होकर तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का नेतृत्व किया।
सरकार की ओर से इस तरह की योजनाओं को
आम लोगों तक सीधे लाभ पहुंचाने वाली पहल के तौर पर पेश किया जा रहा है।
नवजात को सोने की अंगूठी देने की योजना क्यों चर्चा में?
भारत में सरकारों की ओर से बच्चों और माताओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलती रही हैं,
लेकिन नवजात को सीधे सोने की अंगूठी देने की योजना अपने स्वरूप के कारण काफी अलग है।
एक तरफ यह योजना सामाजिक परंपरा से जुड़ी है,
वहीं दूसरी तरफ इसका बड़ा वित्तीय आकार इसे चर्चा में ला रहा है।
1,28,499 गोल्ड रिंग के ऑर्डर ने इस योजना को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय सरकार ने नवजात बच्चों के लिए घोषित
गोल्ड रिंग योजना को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 1,28,499
सोने की अंगूठियों का ऑर्डर दिया है और योजना को 15 सितंबर 2026 से शुरू करने की तैयारी है।
सरकार के अनुसार यह पहल नवजात बच्चों और परिवारों को कल्याणकारी सहायता देने के उद्देश्य से है। योजना की
अनुमानित लागत करीब ₹755.83 करोड़ बताई गई है। अब इसकी वास्तविक पहुंच और क्रियान्वयन पर नजर रहेगी।
FAQ
1. तमिलनाडु में नवजात बच्चों को क्या गिफ्ट दिया जाएगा?
सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने की योजना है।
2. गोल्ड रिंग योजना कब शुरू होगी?
यह योजना 15 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली है।
3. सरकार ने कितनी सोने की अंगूठियों का ऑर्डर दिया है?
रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने 1,28,499 गोल्ड रिंग का ऑर्डर दिया है।
4. गोल्ड रिंग कितने ग्राम की होगी?
योजना संबंधी उपलब्ध विवरण के अनुसार प्रत्येक नवजात को एक ग्राम की सोने की अंगूठी देने का प्रावधान है।
5. इस योजना पर कितना खर्च होगा?
मुख्यमंत्री विजय ने योजना की अनुमानित लागत करीब ₹755.83 करोड़ बताई है।
6. गोल्ड रिंग खरीदने का ऑर्डर किसे मिला?
टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम बोली लगाने के बाद जॉय अलुक्कास को ऑर्डर दिए जाने की रिपोर्ट है।
7. किन बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा?
योजना का मुख्य फोकस सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों पर है।
पात्रता की विस्तृत शर्तों के अनुसार तमिलनाडु निवासी होने का प्रमाण भी आवश्यक हो सकता है।
8. गोल्ड रिंग योजना का नाम क्या है?
इसे ‘थाई मामन थंगा मोथिरम’ योजना के नाम से जाना जा रहा है।
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