DY Chandrachud Russia Arbitrator
DY Chandrachud Russia Arbitrator: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी खबर सामने आई है। रूस ने उन्हें यूक्रेन के सरकारी बैंक Oschadbank के साथ चल रहे निवेश संधि विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह मामला रूस-यूक्रेन संघर्ष से प्रभावित यूक्रेनी क्षेत्रों में बैंक की संपत्तियों और संचालन से जुड़े दावों पर आधारित है।
चंद्रचूड़ की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब रूस और यूक्रेन के बीच कानूनी विवाद कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चल रहे हैं। हालांकि, इस नियुक्ति को रूस की ओर से किसी मुकदमे में वकील के रूप में भूमिका समझना सही नहीं होगा। Arbitrator का काम पक्षकारों की ओर से पैरवी करना नहीं, बल्कि स्वतंत्र मध्यस्थ के रूप में विवाद के निपटारे की प्रक्रिया में हिस्सा लेना होता है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद यूक्रेन के सरकारी स्वामित्व वाले Oschadbank से जुड़ा है। बैंक का दावा है कि रूस की सैन्य कार्रवाई और उसके बाद की परिस्थितियों के कारण उसे यूक्रेन के कुछ क्षेत्रों में अपनी संपत्तियों और कारोबार से नुकसान उठाना पड़ा। विवाद में खास तौर पर डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों से जुड़े बैंक के एसेट्स और संचालन का मुद्दा शामिल है।
बैंक ने निवेश संधि के तहत रूस के खिलाफ दावा किया है। इसी मामले में रूस ने अपने मध्यस्थ के तौर पर पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का चयन किया है।
तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल करेगा मामले की सुनवाई
यह मामला तीन सदस्यों वाले arbitral tribunal के सामने चलेगा। ऐसे मामलों में दोनों पक्ष अपने-अपने arbitrator चुनते हैं और तीसरे सदस्य की नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार होती है।
इस व्यवस्था में डीवाई चंद्रचूड़ रूस की ओर से नियुक्त arbitrator के तौर पर tribunal का हिस्सा होंगे। इसका अर्थ यह नहीं है कि वह रूस के वकील या कानूनी प्रतिनिधि के रूप में काम करेंगे। उनकी भूमिका न्यायिक और मध्यस्थता प्रक्रिया के अनुरूप होगी।
डीवाई चंद्रचूड़ की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका
डीवाई चंद्रचूड़ भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं और नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट के CJI पद से सेवानिवृत्त हुए थे। न्यायपालिका में लंबे अनुभव के कारण अंतरराष्ट्रीय कानूनी और मध्यस्थता मामलों में उनकी विशेषज्ञता को महत्व दिया जाता है।
रूस की ओर से इस मामले में उनका चयन उनके अंतरराष्ट्रीय कानूनी अनुभव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पहले रूस के प्रस्ताव को कर चुके थे अस्वीकार
रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने इससे पहले भी चंद्रचूड़ को कुछ अन्य निवेश विवादों में arbitrator के तौर पर शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने उस समय प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था। इस बार उन्होंने रूस की ओर से नियुक्ति स्वीकार कर ली है।
इससे यह भी पता चलता है कि पूर्व CJI की नई भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानूनी जगत में दिलचस्पी बढ़ी है।
Oschadbank क्या है?
Oschadbank यूक्रेन का सरकारी स्वामित्व वाला प्रमुख बैंक है। रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण बैंक की कुछ संपत्तियों और संचालन पर असर पड़ा है।
बैंक का दावा है कि उसे रूस की कार्रवाई के कारण कुछ क्षेत्रों में अपने निवेश और संपत्तियों से संबंधित नुकसान उठाना पड़ा। इसी नुकसान की भरपाई और निवेश अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई है।
चंद्रचूड़ की भूमिका को लेकर सबसे बड़ा सवाल
इस नियुक्ति के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या पूर्व CJI रूस की ओर से फैसला देंगे। यहां यह समझना जरूरी है कि arbitrator और वकील की भूमिका अलग होती है।
Arbitrator किसी पक्ष का कानूनी प्रतिनिधि नहीं होता। वह विवाद से जुड़े दस्तावेज, दलीलें और कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए tribunal की प्रक्रिया में हिस्सा लेता है।
इसलिए डीवाई चंद्रचूड़ को रूस का वकील कहना सही नहीं होगा। उनकी नियुक्ति रूस द्वारा चुने गए arbitrator के तौर पर हुई है।
क्या इसका भारत पर कोई सीधा असर पड़ेगा?
फिलहाल इस नियुक्ति को भारत सरकार की रूस या यूक्रेन नीति से जोड़ना उचित नहीं होगा।
यह एक पेशेवर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता नियुक्ति है।
पूर्व CJI के रूप में चंद्रचूड़ की नियुक्ति उनके व्यक्तिगत कानूनी और न्यायिक अनुभव से जुड़ी है।
इसका मतलब यह नहीं है कि भारत इस मामले में किसी पक्ष का समर्थन कर रहा है।
रूस-यूक्रेन विवादों में अंतरराष्ट्रीय कानून की अहम भूमिका
रूस और यूक्रेन के बीच कई कानूनी विवाद चल रहे हैं। इनमें संपत्ति, निवेश,
समुद्री अधिकार और अंतरराष्ट्रीय संधियों से जुड़े मामले शामिल हैं।
इससे पहले भी रूस और यूक्रेन के बीच अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के मामलों में फैसले सामने आए हैं।
उदाहरण के लिए, 2026 में Black Sea, Sea of Azov और Kerch Strait से जुड़े
एक मामले में अंतरराष्ट्रीय arbitral tribunal ने कुछ दावों को खारिज किया,
जबकि कुछ समुद्री पर्यावरण संबंधी दायित्वों के उल्लंघन को स्वीकार किया।
इससे स्पष्ट है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष केवल सैन्य और राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है,
बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवादों पर भी पड़ा है।
मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
Oschadbank से जुड़ा मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें युद्ध से प्रभावित संपत्तियों,
निवेश सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय निवेश संधि के प्रावधानों की व्याख्या जैसे मुद्दे सामने आते हैं।
यदि किसी देश में राजनीतिक या सैन्य परिस्थितियों के कारण
किसी विदेशी या दूसरे देश के निवेश को नुकसान होता है तो
निवेश संधियां ऐसे विवादों के निपटारे का कानूनी रास्ता उपलब्ध करा सकती हैं।
इस मामले में भी यही कानूनी ढांचा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
क्या चंद्रचूड़ अकेले फैसला करेंगे?
नहीं। चंद्रचूड़ तीन सदस्यीय arbitral tribunal का हिस्सा होंगे। इसलिए अंतिम निर्णय केवल उनकी व्यक्तिगत राय से तय नहीं होगा।
Tribunal मामले से जुड़े दस्तावेज, पक्षकारों की दलीलें, संबंधित निवेश संधि और
अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों पर विचार करेगा। इसके बाद प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाएगा।
आगे क्या होगा?
अब मध्यस्थता की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दोनों पक्ष अपने दावे, कानूनी तर्क और संबंधित दस्तावेज tribunal के सामने रखेंगे।
Oschadbank की ओर से रूस के खिलाफ किए गए दावे और रूस का जवाब इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा होंगे।
इसके बाद tribunal मामले की सुनवाई और विचार-विमर्श के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
मामले के अंतिम नतीजे और संभावित मुआवजे से जुड़े सवालों का जवाब प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
DY Chandrachud Russia Arbitrator: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ की रूस द्वारा arbitrator के तौर पर
नियुक्ति ने अंतरराष्ट्रीय कानूनी जगत में चर्चा बढ़ा दी है। वह यूक्रेन के सरकारी बैंक Oschadbank और
रूस के बीच चल रहे निवेश संधि विवाद में रूस द्वारा चुने गए मध्यस्थ होंगे।
यह नियुक्ति रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े कानूनी विवादों के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
हालांकि, इसे रूस की ओर से वकालत करने की भूमिका समझना सही नहीं होगा।
चंद्रचूड़ तीन सदस्यीय arbitral tribunal के सदस्य के रूप में
इस विवाद की मध्यस्थता प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे।
अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि tribunal इस निवेश विवाद में क्या
रुख अपनाता है और मामले का अंतिम कानूनी परिणाम क्या निकलता है।
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