उत्तर प्रदेश में UP TGT परीक्षा 2026
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती परीक्षा आखिरकार शुरू हो गई। लंबे इंतजार के बाद आयोजित हुई इस परीक्षा में पहले दिन जो आंकड़े सामने आए, उन्होंने सभी को हैरान कर दिया। प्रदेश के 36 जिलों में आयोजित परीक्षा में करीब 50 प्रतिशत अभ्यर्थी ही शामिल हुए, जबकि आधे से अधिक उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंचे।
शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का अनुपस्थित रहना चर्चा का विषय बन गया है।
36 जिलों में बनाए गए थे विशेष परीक्षा केंद्र
आयोग ने परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रदेश के 36 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए थे। सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सत्यापन और पुलिस बल की तैनाती के बीच परीक्षा आयोजित की गई।
प्रशासन का उद्देश्य था कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में संपन्न हो। अधिकांश केंद्रों पर व्यवस्था संतोषजनक रही और परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई।
आखिर क्यों नहीं पहुंचे आधे अभ्यर्थी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब लाखों उम्मीदवार शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे थे तो फिर इतने अभ्यर्थी परीक्षा देने क्यों नहीं पहुंचे?
विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में लंबे विलंब, परीक्षा केंद्रों की दूरी, अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार के बदलते अवसर इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। कई अभ्यर्थी पहले ही अन्य नौकरियों में चयनित हो चुके हैं, जबकि कुछ ने तैयारी अधूरी होने के कारण परीक्षा छोड़ दी।
कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की सघन जांच की गई। प्रवेश से पहले पहचान पत्र, प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
नकल रोकने के लिए विशेष उड़नदस्ते भी सक्रिय रहे। आयोग ने परीक्षा को
निष्पक्ष बनाने के लिए तकनीकी निगरानी का भी सहारा लिया।
अभ्यर्थियों ने क्या कहा?
परीक्षा देकर बाहर निकले कई उम्मीदवारों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर सामान्य से मध्यम था।
कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय बाद परीक्षा होने से
मानसिक दबाव जरूर था, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था अच्छी रही।
वहीं कई अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।
शिक्षा विभाग के लिए अहम भर्ती
टीजीटी भर्ती उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए
आयोजित की जा रही है। प्रदेश में लंबे समय से शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं।
ऐसे में इस भर्ती से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही है।
सरकार और आयोग दोनों की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से
पूरा किया जाए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके।
आगे क्या होगा?
परीक्षा के बाद आयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम की प्रक्रिया शुरू करेगा।
इसके बाद मेरिट सूची जारी की जाएगी और चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
लाखों अभ्यर्थियों की नजर अब परिणाम और कटऑफ पर टिकी हुई है।
आने वाले दिनों में आयोग की ओर से महत्वपूर्ण अपडेट जारी किए जा सकते हैं।
UP TGT परीक्षा 2026 के पहले दिन केवल 50 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति ने
कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई,
लेकिन आधे उम्मीदवारों का अनुपस्थित रहना शिक्षा और भर्ती व्यवस्था के लिए चिंता का
विषय माना जा रहा है। अब सभी को परीक्षा परिणाम और आगे की चयन प्रक्रिया का इंतजार है।
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