सरकार ने ₹2,000 तक के
UPI Transaction Charges 2026: डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने ₹2,000 तक के UPI लेनदेन को चार्ज से सुरक्षित कर दिया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगा सकेंगे। यही व्यवस्था RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड भुगतान पर भी लागू होगी।
₹2,000 तक UPI भुगतान पर पूरी तरह शुल्क रोक
सरकार की नई अधिसूचना के तहत ₹2,000 तक के UPI लेनदेन को उन इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों में शामिल किया गया है, जिन पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर शुल्क नहीं लगा सकते।
इसका मतलब है कि यदि कोई व्यक्ति ₹500, ₹1,000 या ₹2,000 तक का पात्र UPI भुगतान करता है, तो उस भुगतान के लिए बैंक या पेमेंट सिस्टम की ओर से अलग से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगाया जा सकता।
भुगतान करने और प्राप्त करने वाले दोनों सुरक्षित
नई व्यवस्था की एक खास बात यह है कि शुल्क पर रोक केवल भुगतान करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं है। भुगतान प्राप्त करने वाले पक्ष पर भी संबंधित बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर सीधे अथवा अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क नहीं लगा सकता।
सरकार ने यह प्रावधान Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A के तहत जारी किया है। वित्तीय सेवा विभाग ने 14 सितंबर 2026 को इसकी अधिसूचना जारी की।
RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर भी कोई चार्ज नहीं
सरकार ने केवल UPI को ही इस प्रावधान में शामिल नहीं किया है। RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड भुगतान को भी शुल्क-मुक्त इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम के रूप में निर्धारित किया गया है।
इसका उद्देश्य छोटे डिजिटल भुगतानों को अतिरिक्त लागत से बचाना और डिजिटल पेमेंट को आम लोगों के लिए आसान बनाए रखना है।
क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI पर चार्ज लगेगा?
यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है। नई अधिसूचना में स्पष्ट रूप से ₹2,000 तक के UPI लेनदेन को शुल्क से सुरक्षित किया गया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर तत्काल कोई शुल्क लागू कर दिया गया है।
सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि आम उपभोक्ताओं से UPI भुगतान करने पर शुल्क लेने की योजना नहीं है। भविष्य में यदि Merchant Discount Rate यानी MDR की व्यवस्था लाई जाती है तो वह कुछ निर्धारित मर्चेंट लेनदेन तक सीमित हो सकती है।
UPI के बड़े लेनदेन को लेकर क्यों उठे सवाल?
₹2,000 की सीमा को लेकर इसलिए चर्चा बढ़ी है क्योंकि बड़ी राशि वाले मर्चेंट भुगतान UPI के कुल लेनदेन मूल्य में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखते हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में ₹2,000 से अधिक के person-to-merchant UPI लेनदेन संख्या के लिहाज से करीब 4 प्रतिशत थे, लेकिन कुल मूल्य में उनका हिस्सा लगभग दो-तिहाई था।
यही वजह है कि भविष्य में बड़े मर्चेंट भुगतान पर MDR को लेकर बहस तेज हुई है।
आम UPI यूजर को अभी क्या समझना चाहिए?
यदि आप रोजमर्रा में UPI से छोटे भुगतान करते हैं तो नई अधिसूचना के बाद
₹2,000 तक के पात्र लेनदेन पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर द्वारा शुल्क लगाए जाने की चिंता नहीं है।
उदाहरण के तौर पर:
- ₹200 का UPI भुगतान — शुल्क नहीं
- ₹500 का UPI भुगतान — शुल्क नहीं
- ₹1,000 का UPI भुगतान — शुल्क नहीं
- ₹2,000 का UPI भुगतान — शुल्क नहीं
इसके अलावा RuPay-powered debit card भुगतान पर भी अधिसूचना के तहत शुल्क लगाने पर रोक है।
Person-to-Person UPI भुगतान भी मुफ्त रहने की बात
सरकार ने अगस्त 2026 में यह स्पष्ट किया था कि person-to-person यानी
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा। साथ ही भविष्य में
MDR लागू होने की स्थिति में भी इसे सीमित मर्चेंट लेनदेन तक रखने की बात कही गई थी।
इसलिए सामान्य रूप से दोस्तों, परिवार के सदस्यों या अन्य व्यक्तियों को पैसे भेजने वाले
UPI उपयोगकर्ताओं के लिए फिलहाल कोई नया शुल्क घोषित नहीं किया गया है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की कोशिश
UPI भारत में डिजिटल भुगतान का सबसे प्रमुख माध्यम बन चुका है।
छोटे दुकानदारों, ग्राहकों और सेवा प्रदाताओं के बीच इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ा है।
सरकार का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सुरक्षित, टिकाऊ और
व्यापक बनाए रखने के लिए भुगतान प्रणाली में समय-समय पर नीतिगत बदलाव जरूरी हैं। इसके साथ ही
आम लोगों के लिए रोजमर्रा के भुगतान को किफायती बनाए रखना भी प्राथमिकता है।
व्यापारियों के लिए क्या मायने रखता है?
छोटे कारोबारियों के लिए ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर शुल्क प्रतिबंध महत्वपूर्ण है।
इससे छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत का खतरा कम रहता है।
हालांकि बड़े मर्चेंट लेनदेन को लेकर MDR की संभावनाओं पर बहस जारी है।
यदि भविष्य में कोई शुल्क व्यवस्था लागू की जाती है तो उसके नियम, सीमा और दर अलग से स्पष्ट किए जाने होंगे।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार ने ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क लगाने पर रोक लगा दी है।
RuPay-powered debit card भुगतान को भी इस शुल्क
प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है। फिलहाल ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर कोई
नया शुल्क लागू होने की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए UPI यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है,
लेकिन बड़े मर्चेंट लेनदेन को लेकर भविष्य के नियमों पर नजर रखना जरूरी होगा।
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