भारतीय निशानेबाज और ओलंपिक पदक विजेता
भारतीय खेल जगत को बड़ा झटका
भारत के दिग्गज निशानेबाज और प्रतिष्ठित कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। जसपाल राणा केवल एक महान शूटर ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। हाल के वर्षों में वह भारत की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज Manu Bhaker के कोच के रूप में भी चर्चा में रहे।
राजनाथ सिंह ने जताया दुख
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से वह स्तब्ध और दुखी हैं। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा एक उत्कृष्ट खिलाड़ी, सफल कोच और बेहद सरल एवं नेकदिल इंसान थे।
राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि भारत में शूटिंग को लोकप्रिय बनाने में जसपाल राणा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन किया और कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया।
1994 से शुरू हुआ था स्वर्णिम सफर
जसपाल राणा ने वर्ष 1994 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।
उनकी सटीक निशानेबाजी और अद्भुत एकाग्रता ने उन्हें भारत के सबसे सफल शूटरों में शामिल कर दिया। उन्होंने अपने करियर में अनेक स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ में चमके
जसपाल राणा ने कई बार भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एशियाई और राष्ट्रमंडल प्रतियोगिताओं में शानदार सफलता हासिल की।
प्रमुख उपलब्धियां:
- एशियन गेम्स में कई स्वर्ण पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन
- विश्व निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व
- कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम
- युवा निशानेबाजों को प्रशिक्षित कर नई पीढ़ी तैयार की
उनकी उपलब्धियों ने भारत को अंतरराष्ट्रीय शूटिंग मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाई।
मनु भाकर की सफलता में भी रहा योगदान
जसपाल राणा ने कोच के रूप में भी असाधारण काम किया। उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
विशेष रूप से मनु भाकर के करियर को निखारने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शूटिंग में जो नई ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई देता है,
उसमें जसपाल राणा के प्रशिक्षण और अनुभव का बड़ा योगदान रहा है।
खेल जगत में शोक की लहर
जसपाल राणा के निधन की खबर सामने आते ही खिलाड़ियों, कोचों और खेल प्रेमियों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और भारतीय खेलों में उनके योगदान को याद किया।
उनके निधन को भारतीय निशानेबाजी के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
जसपाल राणा केवल एक महान निशानेबाज नहीं थे, बल्कि भारतीय खेलों के ऐसे प्रेरणास्रोत थे
जिन्होंने अपने प्रदर्शन और कोचिंग दोनों से नई पीढ़ी को दिशा दी। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
भारतीय खेल इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
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