केंद्र सरकार NEET-UG परीक्षा में
NEET परीक्षा की सुरक्षा को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार पहली बार NEET-UG परीक्षा के संचालन और प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई में सशस्त्र बलों (Armed Forces) की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। यह फैसला पिछले वर्षों में परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के आरोपों के बाद लिया जा रहा है।
सेना और वायुसेना निभा सकती हैं महत्वपूर्ण भूमिका
सूत्रों के अनुसार सेना और वायुसेना की सहायता मुख्य रूप से प्रश्नपत्रों की सुरक्षित लॉजिस्टिक्स, परिवहन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए ली जा सकती है। खराब मौसम, भारी बारिश या अन्य बाधाओं की स्थिति में वायुसेना प्रश्नपत्रों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। वहीं सेना सुरक्षित परिवहन और समन्वय व्यवस्था में सहयोग कर सकती है।
22 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा
NEET-UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा का आयोजन करना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती माना जाता है। इसी कारण केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है।
उच्चस्तरीय बैठक में हुई समीक्षा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रक्षा मंत्री, शिक्षा मंत्रालय और NTA के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई, पैकिंग, परिवहन और अंतिम वितरण तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
परीक्षा संचालन में नहीं होगा सेना का हस्तक्षेप
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सशस्त्र बल परीक्षा संचालन या मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। उनकी भूमिका केवल सुरक्षित लॉजिस्टिक्स, परिवहन और आपातकालीन सहायता तक सीमित रहेगी। परीक्षा का संचालन पहले की तरह NTA और संबंधित एजेंसियों द्वारा ही किया जाएगा।
पेपर लीक विवाद के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के वर्षों में NEET परीक्षा को लेकर कई राज्यों में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे।
इन घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। इसके बाद सरकार और जांच एजेंसियों ने
परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ेगा भरोसा
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सेना और वायुसेना की मदद ली जाती है तो परीक्षा प्रक्रिया में
पारदर्शिता और सुरक्षा का स्तर और मजबूत होगा। इससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा तथा
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों में कमी आएगी।
परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी
सरकार केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि परीक्षा प्रणाली में
व्यापक सुधारों पर भी काम कर रही है। परीक्षा संचालन, डेटा सुरक्षा, निगरानी और
पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
क्या होगा इसका असर?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो
यह भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की
लॉजिस्टिक सुरक्षा में सशस्त्र बलों की सहायता ली जाएगी। इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षित डिलीवरी और
परीक्षा की विश्वसनीयता दोनों को मजबूती मिल सकती है।
NEET-UG परीक्षा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार का यह कदम ऐतिहासिक माना जा रहा है।
सेना और वायुसेना की संभावित भागीदारी से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित,
पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की कोशिश की जा रही है। करोड़ों छात्रों और
अभिभावकों की नजर अब सरकार के अंतिम फैसले और आगामी परीक्षा व्यवस्था पर टिकी हुई है।
read this post :फ्लोरिडा में टेस्ट के दौरान फटा ब्लू ओरिजिन का न्यू ग्लेन रॉकेट, जेफ बेजोस की स्पेस कंपनी को बड़ा झटका
