ईरान के 'पिकऐक्स माउंटेन
पहाड़ के भीतर बन रहा ईरान का नया परमाणु केंद्र, दुनिया की बढ़ी चिंता
मध्य-पूर्व में एक बार फिर परमाणु तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों और उपग्रह तस्वीरों के आधार पर सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान ‘पिकऐक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) नामक पहाड़ी क्षेत्र के भीतर एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परमाणु परिसर विकसित कर रहा है। यह स्थान नतांज (Natanz) परमाणु परिसर के पास स्थित है और इसकी गहराई इतनी अधिक बताई जा रही है कि पारंपरिक बंकर-भेदी बमों से भी इसे निशाना बनाना बेहद कठिन माना जा रहा है।
इसी दौरान अमेरिका और सऊदी अरब के बीच हुए नए नागरिक परमाणु सहयोग समझौते ने भी क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों घटनाओं का संयुक्त प्रभाव पूरे पश्चिम एशिया में परमाणु प्रतिस्पर्धा को तेज कर सकता है।
क्या है ‘पिकऐक्स माउंटेन’ और क्यों है इतना अहम?
‘पिकऐक्स माउंटेन’ ईरान के नतांज परमाणु परिसर के निकट स्थित एक पहाड़ी इलाका है, जहां कई वर्षों से भूमिगत सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। हालिया उपग्रह तस्वीरों में नए प्रवेश द्वार, सुरक्षा दीवारें, सुरंगों का विस्तार और भारी निर्माण गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है।
कुछ पश्चिमी और इजरायली अधिकारियों का कहना है कि ईरान यहां आधुनिक सेंट्रीफ्यूज और यूरेनियम संवर्धन से जुड़ी गतिविधियां स्थानांतरित कर सकता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को भी इस स्थल तक नियमित पहुंच नहीं मिली है।
इजरायल और अमेरिका क्यों हैं चिंतित?
रिपोर्टों के अनुसार इजरायल का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस गुप्त भूमिगत परिसर में पहुंचाने की तैयारी की है। यदि ऐसा होता है तो भविष्य में ईरान की परमाणु गतिविधियों की निगरानी और उन्हें रोकना पहले से अधिक कठिन हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल के दिनों में इस स्थल का सार्वजनिक रूप से उल्लेख करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यदि ईरान परमाणु हथियार कार्यक्रम की दिशा में आगे बढ़ता है तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ईरान का क्या कहना है?
ईरान लगातार यह दोहराता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा है। तेहरान ने यह भी कहा है कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक हैं।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की चिंता इस बात को लेकर बनी हुई है कि ईरान के पास पहले से उच्च स्तर तक
संवर्धित यूरेनियम का बड़ा भंडार मौजूद है और यदि पारदर्शिता नहीं बढ़ी तो संदेह और गहरा सकता है।
अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते से क्यों बढ़ी बहस?
इसी बीच अमेरिका और सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते के तहत सऊदी अरब को नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में
अमेरिकी सहयोग मिलेगा और कुछ परिस्थितियों में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति भी दी जा सकती है।
कई परमाणु विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र के कई देशों के पास संवर्धन क्षमता विकसित होती है तो
पश्चिम एशिया में परमाणु प्रतिस्पर्धा तेज हो सकती है। वहीं समर्थकों का कहना है कि
अमेरिकी सहयोग से यह कार्यक्रम अधिक सुरक्षित और निगरानी के दायरे में रहेगा।
क्या बढ़ सकता है परमाणु हथियारों का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान स्थिति को लेकर सबसे बड़ी चिंता पारदर्शिता और
विश्वास की कमी है। यदि ईरान के नए भूमिगत परिसर में वास्तव में संवर्धन गतिविधियां चलती हैं और
निरीक्षण सीमित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ सकता है।
हालांकि अभी तक ऐसा कोई सार्वजनिक और निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि
ईरान परमाणु हथियार बना रहा है। इसलिए कई दावे अभी भी खुफिया आकलनों और उपग्रह तस्वीरों पर आधारित हैं।
निष्कर्ष
ईरान के कथित नए भूमिगत परमाणु परिसर और अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौते ने
पश्चिम एशिया की सुरक्षा राजनीति को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
एक ओर अमेरिका और इजरायल ईरान की गतिविधियों पर चिंता जता रहे हैं,
वहीं ईरान अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बता रहा है। आने वाले समय में IAEA की भूमिका,
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ताएं इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगी।
FAQ
Q1. पिकऐक्स माउंटेन क्या है?
उत्तर: यह ईरान के नतांज परमाणु परिसर के पास स्थित एक गहरे भूमिगत निर्माण स्थल है, जहां परमाणु गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।
Q2. अमेरिका और इजरायल क्यों चिंतित हैं?
उत्तर: उनका मानना है कि यह परिसर भविष्य में यूरेनियम संवर्धन और सेंट्रीफ्यूज संचालन के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
Q3. क्या ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की बात स्वीकार की है?
उत्तर: नहीं। ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
Q4. अमेरिका-सऊदी परमाणु समझौता क्यों चर्चा में है?
उत्तर: क्योंकि इससे सऊदी अरब के नागरिक परमाणु कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा और विशेषज्ञों ने क्षेत्रीय परमाणु प्रतिस्पर्धा बढ़ने की आशंका जताई है।
Q5. क्या नए परमाणु परिसर की स्वतंत्र पुष्टि हो चुकी है?
उत्तर: नहीं। कई दावे खुफिया रिपोर्टों और उपग्रह तस्वीरों पर आधारित हैं, जबकि ईरान इन आरोपों से इनकार करता है
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